सगाई के दिन घर में सफेद कफन में लौटी बेटी

चंबा। जिस घर में वीरवार को बेटी की सगाई की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम पसरा है। वाहन दुर्घटना में काल का ग्रास बनीं 20 वर्षीय अनीता कुमारी पुत्री धर...

सगाई के दिन घर में सफेद कफन में लौटी बेटी

सगाई के दिन घर में सफेद कफन में लौटी बेटी

चंबा। जिस घर में वीरवार को बेटी की सगाई की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम पसरा है। वाहन दुर्घटना में काल का ग्रास बनीं 20 वर्षीय अनीता कुमारी पुत्री धर्म सिंह गांव मेहल डाकघर कोहाल अपने जीवन के नए सफर की दहलीज पर खड़ी थीं। परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजो रखे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। सगाई से कुछ घंटों पहले ही अनीता हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गई।
सपरोट पंचायत के उपप्रधान किशन चंद ने बताया कि अनीता कुमारी ने जमा दो उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। वह पढ़ाई में मेधावी थी और अपने पैरों पर खड़ा होकर माता-पिता का सहारा बनना चाहती थीं। बुधवार को वह चंबा शहर में जेबीटी की परीक्षा देकर सीधे रिश्तेदारी में आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होने पहुंची थीं। मुंडन संस्कार की खुशियों के बीच किसी ने नहीं सोचा था कि यह रात उनके जीवनभर की दर्द बन जाएगी। देर रात अनीता अपने ताऊ चुनी लाल, देवी सिंह, मोती राम, ताई बबली देवी और कुंता देवी सहित अन्य परिजनों के साथ नुआले की धाम खाने के बाद बोलेरो गाड़ी में सवार होकर घर लौट रही थीं। सभी लोग हंसी-खुशी अपने घर की ओर जा रहे थे लेकिन रास्ते में हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।