हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में हुई भारी तबाही के बाद केंद्र सरकार आपदा राहत के नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। मंगलवार को गृह मंत्रालय...
हिमाचल में आपदा राहत नियमों में बदलाव की तैयारी, कांगड़ा में केंद्रीय दल ने किया नुकसान का आकलन
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में हुई भारी तबाही के बाद केंद्र सरकार आपदा राहत के नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। मंगलवार को गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडू के नेतृत्व में एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने कांगड़ा जिले का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। इस दौरान टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की केंद्रीय दल ने कांगड़ा जिले के सुधेड़, मकलोडगंज के खड़ा डंडा रोड और बोह घाटी जैसे सर्वाधिक प्रभावित इलाकों का दौरा किया। टीम ने भूस्खलन, बाढ़ और भारी बारिश के कारण हुए व्यापक नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा से प्रभावित हुए लोगों के दर्द को करीब से समझा और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडू ने बताया कि आपदा सहायता मानकों में बदलाव की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर अंतिम चरण में है। यह कदम भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और प्रभावितों को त्वरित व प्रभावी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। नए नियमों से राहत कार्यों में और अधिक दक्षता आने की उम्मीद है। मानसून 2026 में हिमाचल प्रदेश को भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। विशेषकर कांगड़ा जिले में कई सड़कें, पुल और निजी संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। केंद्रीय दल का यह दौरा राज्य सरकार द्वारा केंद्र से मांगी गई विशेष सहायता के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज प्रदान किया जाए। केंद्रीय दल की रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के लिए आगामी सहायता पैकेज और राहत नियमों में बदलाव पर अंतिम निर्णय लेगी। इस दौरे से राज्य को केंद्र से और अधिक सहायता मिलने की उम्मीद जगी है।