नगर परिषद चंबा के हाउस टैक्स में बढ़ोतरी के फैसले का विरोध

नगर परिषद चंबा की ओर से प्रस्तावित हाउस टैक्स में भारी बढ़ौतरी को लेकर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को चंबा जनपद के स...

नगर परिषद चंबा के हाउस टैक्स में बढ़ोतरी के फैसले का विरोध

नगर परिषद चंबा के हाउस टैक्स में बढ़ोतरी के फैसले का विरोध

नगर परिषद चंबा की ओर से प्रस्तावित हाउस टैक्स में भारी बढ़ौतरी को लेकर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को चंबा जनपद के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने उपायुक्त और नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल की अगवाई सनातन धर्म सभा के प्रधान सुरेश कश्मीरी ने की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी टैक्स में बेतहाशा वृद्धि का प्रयास किया गया था, जिसे भारी विरोध के बाद टाल दिया गया था। अब फिर से उसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व में हुए समझौते के अनुसार सैटेलाइट सर्वे और पार्षदों की उपस्थिति में निष्पक्ष सर्वे की बात कही गई थी। इसके विपरीत हाल ही में कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा बिना किसी तकनीकी अधिकारी या राजस्व सहायक के घर-घर सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें न तो संपत्ति कर की अवधारणा स्पष्ट की गई है और न ही कर गणना का कोई सार्वजनिक फार्मूला साझा किया गया है।
हाउस टैक्स निर्धारण पर लगाओ रोक
लोगों ने साथ ही शहर की बदहाल स्थिति पर भी रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था दयनीय है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर की सडक़ों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। ऐसी स्थिति में भारी कर वृद्धि को जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि वर्तमान हाउस टैक्स निर्धारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। पारदर्शी और तकनीकी आधार पर पुन: सर्वे करवाया जाए। नगर परिषद एक खुली बैठक और प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर टैक्स गणना की पद्धति जनता के सामने स्पष्ट करे। साथ ही चंबा एक आकांक्षी जिला है इसलिए न्यूनतम दरों पर कर निर्धारित कर राहत दी जाए। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।