कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलमार्ग पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे धर्मपुर से शिमला के बीच अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। टकस...
धर्मपुर से शिमला तक चलेंगी दो अतिरिक्त ट्रेनें, त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलमार्ग पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे धर्मपुर से शिमला के बीच अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। टकसाल के पास रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद फिलहाल धर्मपुर से शिमला के बीच केवल एक ट्रेन चल रही है। नवरात्र और त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पहले एक अतिरिक्त ट्रेन शुरू करने और मांग बढ़ने पर दूसरी ट्रेन चलाने की योजना है। शारदीय नवरात्र और आगामी त्योहारी सीजन में शिमला आने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर धर्मपुर से शिमला के बीच रेलवे दो अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड स्तर पर इसकी कवायद चल रही है और नई समयसारिणी को मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में एक अतिरिक्त ट्रेन चलाने की योजना है। यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए इसके बाद दूसरी अतिरिक्त ट्रेन भी शुरू की जा सकती है। इससे धर्मपुर पहुंचने वाले यात्रियों को शिमला जाने के लिए मौजूदा व्यवस्था के मुकाबले अधिक विकल्प मिलेंगे। बरसात के दौरान टकसाल के समीप रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद कालका से शिमला के बीच नियमित रेल सेवा प्रभावित हुई है। इसके चलते फिलहाल धर्मपुर से शिमला के बीच सीमित रेल सेवा संचालित हो रही है। एक ही ट्रेन उपलब्ध होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालका या अन्य स्थानों से शिमला आने वाले यात्रियों को पहले सड़क मार्ग से धर्मपुर पहुंचना पड़ता है। इसके बाद धर्मपुर से शिमला के लिए उपलब्ध ट्रेन का सहारा लेना पड़ता है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण यह ट्रेन इन दिनों लगभग पूरी क्षमता के साथ चल रही है। ऐसे में नवरात्र और त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत और बढ़ने की संभावना है। पहले एक, मांग बढ़ी तो दूसरी ट्रेन रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनें एक साथ शुरू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना है। पहले चरण में एक अतिरिक्त ट्रेन संचालित की जाएगी। इसके बाद यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन कर दूसरी ट्रेन चलाने पर फैसला लिया जाएगा।