अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भलेई माता मंदिर परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसकी...
श्रमिक दिवस पर अधिकारों के लिए जागरूक किए मजदूर
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को भलेई माता मंदिर परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायधीश अनुजा सूद ने की। शिविर में जिला एवं सत्र न्यायधीश ने श्रमिकों के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस हर वर्ष 1 मई को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के मजदूरों और कामगारों के सम्मान, उनके अधिकारों और उनकी मेहनत को पहचान देने के लिए समर्पित है। उन्होंने इस दौरान श्रमिकों के अधिकारों जैसे उचित वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा पर उपस्थित लोगों को जागरूक किया।
जिला एवं सत्र न्यायधीश ने महिला सशक्तिकरण पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास के लिए आवश्यक है। जब महिलाएं शिक्षित, जागरूक और सशक्त होंगी तभी एक मजबूत और समृद्ध राष्ट8 का निर्माण संभव होगा। इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एकांश कपिल ने विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि असहाय, अपंग, औरतों, बच्चों, औद्योगिक कामगार, मानसिक अस्वस्थ,अनुसूचित जाति व जनजाति से संबंधित, बाढ़, भूकंप, सूखा, जाति अत्याचार, औद्योगिक संकट, मानव दुव्र्यवहार, बेगार के शिकार व्यक्तियों को जिनकी समस्त साधनों से वार्षिक आय तीन लाख से कम हो उनको प्राधिकरण निशुल्क कानूनी सहायता द्बदान करता है। उन्होंने शिविर में मौलिक आधिकारों, मौलिक कर्तव्यों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि मुकदमों को तुरंत निपटाने के लिए प्राधिकरण राष्ट8ीय,राज्य,जिला तथा उपमंडल स्तर पर नियमित लोक अदालतों का आयोजन करता है। यदि उनके कानूनी अधिकारों का अतिक्रमण हो तो उनके समाधान के बारे में भी बताता है। उन्होंने विधिक सेवा पप्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी साझा करते हुए नागरिकों से किसी भी द्बकार की कानूनी सहायता के लिए इस निशुल्क सेवा का लाभ उठाने का आवाहन किया।ट8ेफिक मैजिस्ट8ेट डा.पार्थ जैन ने यातायात नियमों की महवता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।