भोले के जयकारों से गूंजा भरमौर, अब बड़े न्हौण का इंतजार

उतर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व का छोटा शाही स्नान संपन्न होने के बाद उपमंडल मुख्यालय में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला चला हु...

भोले के जयकारों से गूंजा भरमौर, अब बड़े न्हौण का इंतजार

भोले के जयकारों से गूंजा भरमौर, अब बड़े न्हौण का इंतजार

उतर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व का छोटा शाही स्नान संपन्न होने के बाद उपमंडल मुख्यालय में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला चला हुआ है। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले दिनों की अपेक्षा कमी दर्ज की गई है। लिहाजा विश्व प्रसिद्ध चौरासी मंदिर में दिन भर प्राचीन शिव मंदिर और धर्मेश्वर महाराज के मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। वहीं प्राचीन शिव मंदिर के बाहर दर्शनों के लिए श्रद्वालुओं की कतारें लगी रही। कुल-मिलाकर उतर भारत की प्रसिद्व मणिमहेश यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से यात्रियों के आने का क्रम जारी है। उल्लेखनीय है कि उतर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में इस वर्ष जन्माष्टमी के पावन स्नान के साथ अधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया।

रविवार को सुबह से ही उपमंडल मुख्यालय भरमौर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था और रात तक यह क्रम जारी रहा। इस बीच भगवान भोले नाथ के उदघोषों के साथ श्रद्धालुओं ने चौरासी मंदिरों समेत प्रसिद्व भरमाणी माता मंदिर में माथा टेक यात्रा के लिए आर्शीवाद लिया। चौरासी मंदिर परिसर में रविवार के दिन प्राचीन शिव मंदिर में यात्रा कर लौट रहे और यहां पहुंच रहे श्रद्वालुओं की मंदिर में माथा टेकने के लिए कतारें भी लगी। कुल-मिलाकर जन्माष्टमी पर्व का स्नान संपन्न होने के बाद अब यात्रियों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। वहीं अब राधाष्टमी पर्व पर डल झील में होने वाले शाही बड़े न्हौण से पहले यात्रियों की भीड़ यहां उमडऩे की उम्मीद है।