सेंटर में न तो जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं और न ही सेंटर को संचालित करने के लिए विशेषज्ञ पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के नए भवन में भले ही ट...
चम्बा में केवल नाम का ट्राॅमा सेंटर, टांडा रेफर किए जा रहे मरीज
सेंटर में न तो जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं और न ही सेंटर को संचालित करने के लिए विशेषज्ञ
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के नए भवन में भले ही ट्रॉमा सेंटर खोल दिया हो लेकिन, इसमें आज दिन तक किसी भी मरीज का इलाज नहीं किया गया है। सेंटर में न तो जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं और न ही सेंटर को संचालित करने के लिए विशेषज्ञ और अन्य स्टाफ मौजूद है। यही कारण है कि आज भी चंबा से मरीजों को ट्रॉमा केयर सुविधा के लिए टांडा या शिमला रेफर किया जा रहा है। जिला चंबा भौगोलिक परिस्थिति से अन्य जिलों से भिन्न है। यहां पर आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। इन दुर्घटनाओं में कई घायल ऐसे होते हैं, जिन्हें ट्रॉमा केयर सेंटर की जरूरत होती है। उन्हें चंबा में यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से उन्हें टांडा रेफर कर दिया जाता है। कई गंभीर रूप से घायल बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। एक दिन पहले चंबा-पठानकोट एनएच पर कार दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को टांडा रेफर किया गया।
ट्रॉमा केयर सेंटर में जरूरी सामान और स्टाफ की तैनाती पर सेवाएं होंगी बेहतर
यदि चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर संचालित होता तो शायद उन घायलों को यहां पर ही इलाज मिल जाता। स्थानीय लोगों हरीश कुमार, विनोद कुमार, गुरमीत, संजय शर्मा, प्यार सिंह, परवेज खान, सुरेंद्र और मनोज कुमार ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर को सुचारु किया जाए। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि ट्रॉमा केयर सेंटर में जरूरी सामान और स्टाफ की तैनाती को लेकर सरकार से मांग की गई है। जैसे ही उनकी नियुक्ति होगी, ट्रॉमा केयर सेंटर में सेवाएं बेहतर हो जाएंगी।