गेस्ट टीचर फैकल्टी के फैसले को वापस लेेने की जोरदार मांग, यहां-यहां हुए धरना-प्रदर्शन

सरकार से फैसला वापस लेेने की मांग, शिमला-धर्मशाला और सिरमौर में बेरोजगार युवा लगातार कर रहे धरना-प्रदर्शन कैबिनेट से गेस्ट फैकल्टी पॉलिसी को मंजूरी...

गेस्ट टीचर फैकल्टी के फैसले को वापस लेेने की जोरदार मांग, यहां-यहां हुए धरना-प्रदर्शन

गेस्ट टीचर फैकल्टी के फैसले को वापस लेेने की जोरदार मांग, यहां-यहां हुए धरना-प्रदर्शन

सरकार से फैसला वापस लेेने की मांग, शिमला-धर्मशाला और सिरमौर में बेरोजगार युवा लगातार कर रहे धरना-प्रदर्शन

कैबिनेट से गेस्ट फैकल्टी पॉलिसी को मंजूरी मिलने के बाद अब हर जगह इसका विरोध शुरू हो गया है। बेरोजगार युवा लगातार सरकार के इस फैसले को वापस करने की मांग कर रहे हैं। दरअसल इन युवाओं का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार बैक डोर और आउटसोर्स आधार पर भर्तियों का विरोध करती है और दूसरी तरफ गेस्ट टीचर पॉलिसी लाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। इस पॉलिसी के विरोध में जेबीटी प्रशिक्षुओं ने धर्मशाला और सिरमौर में धरना-प्रदर्शन किया। वहीं बीएड बेरोजगार युवाओं ने भी इस पॉलिसी के खिलाफ धरना दिया है। राजधानी शिमला में छात्र संगठनों में एबीवीपी ने डीसी ऑफिस के बाहर विशाल धरना प्रदर्शन किया।

सरकार को गेस्ट टीचर पॉलिसी वापस लेकर जल्द कमीशन के माध्यम से भर्ती करवानी चाहिए

दरअसल सभी संगठनों का यह कहना है कि सरकार तुरंत इस फैसले को वापस ले। इस फैसले से उन बेरोजगार युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा जो पिछले कई सालों से कमीशन की तैयारी कर रहे हैं। यदि स्कूलों में गेस्ट फैकल्टी ही रखनी है तो फिर कमीशन से भतियों को करने की बात सरकार क्यों कह रही है । जेबीटी यूनियन के अध्यक्ष जगदीश परयाल का कहना है कि इस फैसले का लगातार सोशल मीडिया पर भी विरोध सामने आ रहा है। सरकार को यह गेस्ट टीचर पॉलिसी तुरंत वापस लेनी चाहिए। यह प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थायी भर्ती देने के लिए सत्ता में लाया था। इस तरह की बैकडोर भर्ती के लिए नहीं। सरकार को यह पॉलिसी वापस लेकर जल्द कमीशन के माध्यम से भर्ती करवानी चाहिए, क्योंकि अब प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के सब्र का बांध टूट चुका है इस तरह की पॉलिसी नहीं चलेगी।

ताज़ा खबरें

अधिक देखी जाने वाली खबरें