उड़ान योजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, शिमला-चंडीगढ़ रूट पर बढ़ेंगी हेलीकॉप्टर उड़ानें

भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से पेश हलफनामा में बताया गया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को मॉडिफाइड उड़ान योजना को मंजूरी दे द...

उड़ान योजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, शिमला-चंडीगढ़ रूट पर बढ़ेंगी हेलीकॉप्टर उड़ानें

उड़ान योजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, शिमला-चंडीगढ़ रूट पर बढ़ेंगी हेलीकॉप्टर उड़ानें

भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से पेश हलफनामा में बताया गया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को मॉडिफाइड उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। 

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में हवाई संपर्क में सुधार से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई की। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से पेश हलफनामा में बताया गया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को मॉडिफाइड उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। इसका मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में नए हवाई मार्गों को जोड़ना, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाना तथा नए हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों का विकास करना है। चंडीगढ़-शिमला रूट पर 20-25 यात्रियों की क्षमता वाले ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर के संचालन पर बताया गया कि देश में केवल तीन ऑपरेटर हैं। पवन हंस लिमिटेड के पास ऐसा एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध है, जो फिलहाल तकनीकी रखरखाव के अधीन है। 

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार के हलफनामों पर विचार करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 के लिए स्थगित कर दी है।  अदालत ने दर्ज किया कि संजौली (शिमला) स्थित हेलीपोर्ट को एम आई-172 श्रेणी के हेलीकॉप्टरों के लिए 26x26 मीटर के लैंडिंग व टेक-ऑफ क्षेत्र के साथ डिजाइन किया गया है। शिमला के 35 किलोमीटर के दायरे में ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर के संचालन के लिए कल्याणी और अन्नाडेल हेलीपैड के सिवाय कोई अन्य नागरिक हेलीपोर्ट उपलब्ध नहीं है, जो भारतीय सेना के नियंत्रण में हैं।

हिमाचल प्रदेश के विशेष सचिव (पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन) विजय कुमार द्वारा की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया है कि चंडीगढ़-शिमला रूट पर प्रति सप्ताह 9 अतिरिक्त फेरों के संचालन के लिए पवन हंस लिमिटेड के साथ समझौता पत्र निष्पादित कर रही है। राज्य सरकार ने अपनी सीमित वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि नागरिक उड्डयन केंद्र सरकार का विषय है। राज्य द्वारा लगातार बायबिलिटी गैप फंडिंग देना संभव नहीं है। अतः राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को सहयोग देने और हवाई सेवाएं जारी रखने के लिए दीर्घकालिक केंद्रीय सहायता आवश्यक है।