प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं लिया जाएगा पानी बिल, सुक्खू सरकार ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक

सरकार ने पानी बिल वसूलने पर अब लगा दी रोक हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से पानी बिल नहीं लिया जाएगा। फीडबैक के बाद मुख्यमं...

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं लिया जाएगा पानी बिल, सुक्खू सरकार ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं लिया जाएगा पानी बिल, सुक्खू सरकार ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक

सरकार ने पानी बिल वसूलने पर अब लगा दी रोक

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से पानी बिल नहीं लिया जाएगा। फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पानी बिल जारी करने पर रोक लगा दी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। गाैरतलब है कि राज्य सरकार ने 100 रुपये प्रतिमाह प्रति कनेक्शन की दर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पानी की दरें तय की हैं। 1 अक्तूबर 2024 से यह दरें लागू की गई हैं। लेकिन जनवरी अंत में पानी बिल एक साथ जारी करने का फैसला लिया गया था। पानी के बिल जारी करने से पहले जल शक्ति विभाग ने कनेक्शनों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब सरकार ने शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी है। 

जल जीवन मिशन लागू होने से पहले प्रदेश में 7.63 लाख पानी के थे कनेक्शन

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 17 लाख पेयजल उपभोक्ताओं को जल शक्ति विभाग नवंबर से पानी के बिल जारी किए जाने थे। प्रति कनेक्शन 100 रुपये मासिक बिल के हिसाब से सालाना 1200 रुपये प्रति कनेक्शन बनता है।  सरकार ने कुछ श्रेणियों के लिए मुफ्त पानी की सुविधा को जारी रखने का भी निर्णय था। इनमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाएं, दिव्यांगजन व 50 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 17 लाख घरों में पानी के कनेक्शन हैं। सबसे अधिक 4 लाख पानी के कनेक्शन जिला कांगड़ा में हैं। 2019 में हिमाचल में जल जीवन मिशन योजना लागू हुई थी, इससे पहले प्रदेश में करीब 7.63 लाख पानी के कनेक्शन थे। जल जीवन मिशन लागू होने के बाद करीब 9.50 लाख घरों में पानी के नल लगे।

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