साथी श्रमिकों ने सीढ़ी लगाकर निकाले, पांगी में तीन जगह बादल फटने से आई बाढ़ भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से हिलु-टवान और एसकेकेटी मार्ग हुआ अवरु...
चार घंटे बाद सुरक्षित निकाले उदीन में नाले के तेज प्रवाह में फंसे 11 श्रमिक
साथी श्रमिकों ने सीढ़ी लगाकर निकाले, पांगी में तीन जगह बादल फटने से आई बाढ़
भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से हिलु-टवान और एसकेकेटी मार्ग हुआ अवरुद्ध
जनजातीय उपमंडल में सोमवार को तीन जगह बादल फटने से नालों में बाढ़ आ गई। हिलु, उदीन और थांदल क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उदीन में नाले का जलस्तर बढ़ने से 11 मनरेगा श्रमिक फंस गए थे। चार घंटे बाद इन्हें दोपहर करीब तीन बजे साथी श्रमिकों ने नाले पर सीढ़ी लगाकर सुरक्षित निकाल लिया। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू दल को अलर्ट कर दिया था।
हिलु क्षेत्र में हिलु-टवान मार्ग भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मार्ग को बहाल करने में जुटी है। थांदल नाले में भारी मलबा और बोल्डर आने से एसकेकेटी (साच-किलाड़-केलांग-तिंदी-संसारी नाला) मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। सड़क बंद होने से केलांग की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर जनजीवन पर भी देखने को मिला। सोमवार को 10 सड़कें, नौ विद्युत ट्रांसफार्मर और आठ पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। इससे कई क्षेत्रों में यातायात, बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित रही। लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य में जुटा है। उदीन नाले में जलस्तर बढ़ने से फंसे श्रमिकों को प्रजा मंडल ने नाले में सीढ़ी डाल कर क्रमवार सभी को रेस्क्यू कर सुरक्षित घर पहुंचाया।
उधर, आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह ने बताया कि तीन स्थानों पर बादल फटने के बाद संबंधित नालों का जलस्तर बढ़ गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक टीमें फील्ड में भेजी गई हैं। फिलहाल कहीं से भी किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।