पंजियारा के जर्म सिंह ने मत्स्य विभाग से 20000 रुपये में खरीदा था मछलियों का बीज बाजार में पहुंचने से पहले ही मर गईं सारी मछलियां, प्रभावित को लाखों...
बारिश का पानी घुलने से तालाब में मर गईं 5000 ट्राउट मछलियां
पंजियारा के जर्म सिंह ने मत्स्य विभाग से 20000 रुपये में खरीदा था मछलियों का बीज
बाजार में पहुंचने से पहले ही मर गईं सारी मछलियां, प्रभावित को लाखों का नुकसान
खज्जियार (चंबा)। बरसात का पानी मछली के तालाब में मिलने से 5000 ट्राउट मछली मर गई। पिछले साल पंजियारा निवासी जर्म सिंह ने मत्स्य विभाग से 20000 रुपये से 5000 मछलियों का बीज खरीदा था।
एक साल तक लगातार उनकी देखभाल की। उनकी फीड पर एक लाख रुपये खर्च किया। अब बीज बड़ी मछली का आकार ले चुका था। इससे पहले उन्हें कमाई होती, बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। बुधवार सुबह जब जर्म सिंह रोजाना की तरफ अपने फिश फार्म गए तो तालाब में सारी मछलियां मर चुकी थीं। पहले तो उन्हें यही समझ नहीं आया कि आखिरकार मछलियां मरीं कैसे लेकिन जब उन्होंने बरसात के पानी को टैंक में जाते देखा तो उन्हें आभास हुआ कि मछलियों के मरने का कारण गंदा पानी ही है। जर्म सिंह ने बताया कि तालाब में मछली के बीज को उन्होंने कड़ी मेहनत करके तैयार किया था। रोजाना उनकी देखभाल की। जब मेहनत का फल मिलने की बारी आई तो सारी मछलियां ही मर गईं। फीड पर एक लाख रुपये खर्च किए थे, वह पैसा भी पूरा नहीं हो पाया। उन्हें जहां इन मछलियों को बेचकर लाखों रुपये का मुनाफा होना था, अब उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन और मत्स्य पालन विभाग से गुहार लगाई है कि इस नुकसान के बदले उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।