चट्टान ने थामा हाईवे का रास्ता, 16 घंटे थमी रही वाहनों की रफ्तार

भरमौर-पठानकोट हाईवे पर बत्ती दी हट्टी नामक स्थान पर 16 घंटों तक सवारियों को हाईवे बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। बस की सवारियों, मालवाहक वाहनों के चा...

चट्टान ने थामा हाईवे का रास्ता, 16 घंटे थमी रही वाहनों की रफ्तार

चट्टान ने थामा हाईवे का रास्ता, 16 घंटे थमी रही वाहनों की रफ्तार

भरमौर-पठानकोट हाईवे पर बत्ती दी हट्टी नामक स्थान पर 16 घंटों तक सवारियों को हाईवे बहाल होने का इंतजार करना पड़ा।
बस की सवारियों, मालवाहक वाहनों के चालक-परिचालकों को पूरी रात अपने वाहनों में ही गुुजारनी पड़ी। इससे सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सवारियों में अनिल कुमार, विनोद कुमार, किशन चंद और राजीव कुमार ने बताया कि जरा सी बारिश ने हाईवे प्रबंधन की पोल खोल दी है। पूरी रात उन्हें वाहनों में गुजारनी पड़ी। आस-पास स्थित दुकानों से ही खाद्य सामग्री लाकर उन्हें समय व्यतीत करना पड़ा। खैर, शुक्रवार सुबह हाईवे पर सबसे बड़ी परेशानी बन कर पड़ी चट्टान को ब्लास्टिंग कर तोड़ने के बाद ही सवारियां अपने गंतव्य की ओर रवाना हो पाईं। कुल मिलाकर वीरवार दोपहर बाद होने वाली बारिश ने हाईवे को जाम करने का काम किया।
हाईवे पर बत्ती दी हट्टी में वीरवार शाम 7:30 बजे भारी भूस्खलन और चट्टान हाईवे के बीचोंबीच आ जाने से वाहनों की आवाजाही बंद पड़ गई। हाईवे पर रफ्तार थमने से वाहनों की कतारें लगे गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची हाईवे प्रबंधन की लेबर ने मार्ग बहाली का कार्य आरंभ किया और साढ़े आठ बजे हाईवे छोटे वाहनों के लिए बहाल करवाया। लेकिन, हाईवे पर पड़ी बड़ी चट्टान ने बड़े वाहनों के लिए राह रोके रखी। ब्लास्टिंग के बाद ही चट्टान को हटाया जा सकता था। देररात तक उसे ब्लास्टिंग करने के प्रयास जारी रहे लेकिन मौके पर बारूद उपलब्ध न हो पाने पर शुक्रवार सुबह 11:30 बजे ब्लास्टिंग कर चट्टान तोड़ वाहनों की आवाजाही को बहाल करवाया जा सका। हाईवे बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

--बारिश से किसानों को मिली राहत
भरमौर-पांगी, सलूणी, चुराह, साहो, सिल्लाघ्राट, तेलका, होली, खज्जियार में होने वाली बारिश ने किसानों को राहत प्रदान करने का काम किया। खेतों में लगाई गई सब्जियों के लिए ये बारिश बड़ी राहत बन बरसी। किसानों में अमित कुमार, नरेश कुमार, योगराज, प्रकाश चंद ने बताया कि तेज धूप के चलते सब्जियों सूखने की कगार पर पहुंच चुकी थी। कुलमिला कर समय पर बारिश होने से अब सब्जियों को नव जीवन मिला है। वहीं, बारिश होने से जिला में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।