बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान

बरसात में अक्सर रावी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। जिले में बादल फटने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। गत वर्ष भारी आपदा के चलते जिलेभर में काफी नुकसान हुआ...

बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान

बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान

बरसात में अक्सर रावी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। जिले में बादल फटने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। गत वर्ष भारी आपदा के चलते जिलेभर में काफी नुकसान हुआ था। बहरहाल, इस बार जिला प्रशासन के साथ-साथ चमेरा प्रबंधन भी सतर्क है। पूर्वाभ्यास के जरिये अपनी तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है ताकि ऐसी स्थिति बनने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य पूरे किए जा सकें।
चंबा। दिन: मंगलवार। समय सुबह 10 बजे। स्थान : विद्युत बोर्ड पावर स्टेशन रजेरा। क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। रजेरा के ही समीप बादल फटने से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। तैनात स्टाफ पावर स्टेशन प्रबंधन को बादल फटने और भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी दे रहा है। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और डिप्टी कमांडेंट सीआईएसफ को सूचित किया जा रहा है। तुरंत डिप्टी कमांडेंट सीआईएसफ पवन कुमार ने राष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना की ओर से असिस्टेंट कमांडर बनकर मौके पर पहुंचे। भारी बारिश और बादल फटने के कारण रावी में अचानक बाढ़ और राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154 ए पर भारी भूस्खलन के कारण रजेरा में विद्युत बोर्ड के पावर स्टेशन में भारी नुकसान हुआ है। प्रबंधन की ओर से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। वहीं, दोपहर 12 बजे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को करियां चमेरा द्वितीय रावी नदी के किनारे दो लोगों के भारी जलस्तर के बीच फंसे होने की सूचना मिलती है। बचाव दल मौके पर पहुंचता है और दोनों फंसे हुए लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जाता है। रेस्क्यू में सीआईएसफ, एनडीआरफ, अग्निशमन, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, इंपैक्स्को सिक्योरिटी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बचाव दल स्टेजिंग एरिया करियां हेलिपैड मौके पर मौजूद रहे। चंबा में प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित बनाने को लेकर जिला प्रशासन, राष्ट्रीय जल विद्युत निगम विद्युत परियोजना-2 और 3 के संयुक्त तत्वावधान में एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने के चलते रावी नदी में अचानक बाढ़ और राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154ए पर भारी भूस्खलन के कारण रजेरा में विद्युत बोर्ड के पावर स्टेशन को भारी नुकसान और चमेरा-2 विद्युत परियोजना में शार्ट सर्किट से आग लगने से संभावित खतरे को आधार मानकर अभ्यास किया गया।