खुले में पड़ा है चनेड़ और भनौता पंचायतों की प्यास बुझाने वाला पेयजल टैंक बरसात के मौसम में पानी की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका बढ़ी दो पंचायतो...
कहीं बीमारी की वजह न बन जाए भरोसे का घूंट
खुले में पड़ा है चनेड़ और भनौता पंचायतों की प्यास बुझाने वाला पेयजल टैंक
बरसात के मौसम में पानी की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका बढ़ी
दो पंचायतों के साथ स्कूल, बैंक और सरकारी संस्थान भी इसी स्रोत पर निर्भरहर घूंट के साथ भरोसा चाहिए लेकिन चनेड़ और भनौता के ग्रामीणों को डर है कि कहीं पानी का यही घूंट बीमारी की वजह न बन जाए। दो पंचायतों की जीवनरेखा बना पेयजल टैंक सुरक्षा कवच के बिना खुले में है।
इससे बरसात में पानी दूषित होने की आशंका बढ़ गई है। चनेड़ और भनौता पंचायतों के करीब 2500 लोगों को पानी उपलब्ध करवाने वाला मुख्य पेयजल टैंक खुले में है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से बरसात के मौसम में पानी की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी टैंक से दोनों पंचायतों के घरों के अलावा सरकारी स्कूल, बैंक, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक भी पेयजल की आपूर्ति होती है। खुले टैंक में वर्षा का पानी, मिट्टी, पत्तियां और अन्य बाहरी पदार्थ पहुंच सकते हैं। आसपास जंगल होने के कारण जंगली जानवर या अन्य जीव भी टैंक तक पहुंच सकते हैं। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण शर्मा ने कहा कि इस बारे में उच्चाधिकारी से चर्चा की जाएगी। उसके बाद जैसे ही बजट जाएगा तो समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।यह टैंक दो पंचायतों की जीवनरेखा है। हमारी मांग केवल इतनी है कि इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल सके। - संजीव कुमार
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बच्चे और बुजुर्ग रोज यही पानी पीते हैं। खुले टैंक से बीमारी का भय रहता है। जल शक्ति विभाग को बरसात में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। - अमित कुमार
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यदि लाखों रुपये की योजना बनी है तो उसकी सुरक्षा भी उसी स्तर की होनी चाहिए। अधिकारियों को मौके पर स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। - अमित मियां
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किसी पर आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि लोगों की सेहत से जुड़े मुद्दे पर विभाग का ध्यान दिला रहे हैं। टैंक को खुला रखना लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।