हस्तनिर्मित उत्पादों से बन रहीं आत्मनिर्भर, पर्यटकों को भी खूब आ रहे हैं पसंद स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं जिले की महिलाएं तैयार कर रही हैं ऑर्ग...
घर की चौखट से बाजार तक पहुंचा जिले की बेटियों का हुनर
हस्तनिर्मित उत्पादों से बन रहीं आत्मनिर्भर, पर्यटकों को भी खूब आ रहे हैं पसंद स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं जिले की महिलाएं तैयार कर रही हैं ऑर्गेनिक उत्पाद
चंबा। जिले की ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर हाथों से तैयार ऑर्गेनिक और हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार तक पहुंचा रही हैं। खज्जियार में लगी एक दुकान महिलाओं के सपनों को पंख दे रही है। उनके बनाए उत्पाद पर्यटकों को खूब भा रहे हैं।
पंचायत उदयपुर के गांव डुला निवासी राधा देवी को डीआरडीए की ओर से खज्जियार में दुकान उपलब्ध करवाई गई है। यह दुकान आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बन चुकी है। करीब 15 से 20 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाएं घरों में तैयार किए गए सामान को बिक्री के लिए उपलब्ध करवाती हैं। ऑर्गेनिक क्रीम, साबुन, कपड़े, स्वेटर, ऊनी वस्त्र और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। खास बात यह है कि ये उत्पाद महिलाएं घरों में सीमित संसाधनों के बावजूद तैयार करती हैं।
स्वयं सहायता समूह चंडी खज्जियार की सदस्य कविता शर्मा दुकान में आने वाले पर्यटकों को इन उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी देती हैं। सभी महिलाओं के लिए दुकान पर नियमित रूप से बैठना संभव नहीं है, इसलिए वे घर पर ही उत्पाद तैयार करती हैं और उन्हें बिक्री के लिए यहां पहुंचाती हैं। दुकान से होने वाली बिक्री में से वह केवल 5 प्रतिशत राशि अपने पास रखती हैं। बाकी आय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वितरित कर दी जाती है। हर माह दस से पंद्रह हजार तक आमदनी करती है। इससे हर महिला को अपनी मेहनत का लाभ मिल रहा है।