रसोई की आग जलाने के लिए लोग पांच माह से उम्मीदों का सिलिंडर ढो रहे हैं लेकिन हर बार उनके हिस्से में सिर्फ इंतजार आ रहा है। भलेई-बंगाल क्षेत्र में गैस...
सिलिंडर मिल नहीं रहा, इंतजार लिख रहा हर दिन नई तारीख
रसोई की आग जलाने के लिए लोग पांच माह से उम्मीदों का सिलिंडर ढो रहे हैं लेकिन हर बार उनके हिस्से में सिर्फ इंतजार आ रहा है।
भलेई-बंगाल क्षेत्र में गैस संकट इस कदर गहरा गया है कि उपभोक्ता घंटों सड़क के किनारे खाली सिलिंडर लेकर गैस गाड़ी का इंतजार करते हैं और शाम ढलने पर मायूस होकर घर लौट जाते हैं। बुकिंग के बावजूद सिलिंडर न मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष है और अब कई परिवारों के सामने रसोई चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
दिन : बुधवार, समय : 12 बजे, स्थान : भलेई जहां उपभोक्ता सड़क के किनारे गैस की गाड़ी का इंतजार करते रहे लेकिन दिनभर की प्रतीक्षा के बाद उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ा। सड़क पर खाली सिलिंडर के ढेर लग गए। उपभोक्ता तपती धूप में गैस की गाड़ी आने का इंतजार करते रहे। निराश होकर ग्रामीणों ने कहा कि गैस वितरण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कई बार गाड़ी आने की सूचना मिलती है लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि वाहन या तो क्षेत्र तक पहुंचने से पहले ही सिलिंडर खत्म होने की बात कह देता है या फिर बिना रुके आगे निकल जाता है। ऐसे में महीनों से गैस का इंतजार कर रहे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी इस समस्या ने अब लोगों के धैर्य की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है।
उपभोक्ताओं में विपिन कुमार, धीरज कुमार, कमलेश कुमार, किशोरी लाल, रमन कुमार, भुपेंद्र सिंह, जगदीश कुमार, कर्म चंद ने बताया कि गैस सिलिंडर पाने के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। घंटों इंतजार के बाद भी जब गाड़ी नहीं आती तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाले परिवारों को झेलनी पड़ रही है। कई घरों में गैस खत्म होने के कारण लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उन्हें फिर से लकड़ी और पारंपरिक चूल्हों पर निर्भर होना पड़ेगा। आधुनिक सुविधाओं के इस दौर में भी यदि गैस सिलिंडर के लिए महीनों इंतजार करना पड़े तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। लोगों की निगाहें हर दिन सड़क पर टिकी रहीं। हर गुजरते वाहन के साथ उम्मीद जगती रही कि शायद गैस गाड़ी आ गई हो, लेकिन शाम तक इंतजार ही हाथ लगा। इससे उपभोक्ताओं में भारी रोष देखा गया। उन्होंने कई बार संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने प्रशासन और गैस एजेंसी से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही वितरण व्यवस्था की निगरानी कर यह पता लगाया जाए कि आखिर बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं तक सिलिंडर क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं।